Kgg-mp/1A/11. 00 The House met at eleven of the clock, mr. Chairman in the Chair obituary reference to justice V. R. KRISHNA IYER mr. Chairman



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MR. DEPUTY CHAIRMAN: Yes, all are supporting.

कुछ माननीय सदस्य: हम भी स्वयं को इस विषय से संबद्ध करते हैं। (Ends)

श्री अली अनवर अंसारी: सर, इस संबंध में सरकार ने सांसदों से विचार-विमर्श नहीं किया। ...(व्यवधान)...

श्री उपसभापति: भुंडर साहब, आप बोलिए। ...(व्यवधान)...

श्री अली अनवर अंसारी: सर, इस संबंध में सरकार ने ...(व्यवधान)...

श्री उपसभापति: भुंडर साहब, आप बोलिए। ...(व्यवधान)... अंसारी जी, आप बैठिए। ...(व्यवधान)...

श्री अली अनवर अंसारी: सर ...(व्यवधान)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Please don't encroach upon his time. ...(Interruptions)...

श्री अली अनवर अंसारी: सर ...(व्यवधान)...

श्री बलविंदर सिंह भुंडर: मुझे अपनी बात तो कह लेने दीजिए। ...(व्यवधान)... जो देश की सही प्रॉब्लम है, उसको तो सुन लीजिए। ....(व्यवधान)...

MR. DEPUTY CHAIRMAN: It is not going on record. ...(Interruptions)... Balwinder ji, please start.

श्री अली अनवर अंसारी: *

श्री उपसभापति: अंसारी जी, आप नाराज मत होइए, कृपया आप बैठिए। ...(व्यवधान)...

श्री अली अनवर अंसारी: *

----------------------------------------------

* Not recorded.
श्री उपसभापति: भुंडर साहब, आप बोलिए। ...(व्यवधान)...

LOW PRICE FOR BASMATI RICE IN WESTERN INDIA

श्री बलविंदर सिंह भुंडर (पंजाब): सर, मैं आपके जरिए देश की एक बहुत गंभीर समस्या, जो किसानों की है, उसे सरकार के सामने रखना चाहता हूँ। इस साल बासमती की जो क्रॉप 1509 और 1121 है, उसके रेट पिछले साल के मुकाबले इस साल तकरीबन 25 परसेंट डाउन हो गए हैं। पिछले साल इसका रेट 4000 से 4500 तक था, लेकिन इस साल यह 2000 से 2500 तक है।

(1j/DS पर जारी)

-VNK/DS-SK/11.40/1J

श्री बलविंदर सिंह भुंडर (क्रमागत): इतना रेट डाउन होने के कारण किसान बहुत निराश है। लास्ट ईयर क्रॉप अच्छी थी। पंजाब-हरियाणा में तकरीबन 10 परसेंट क्रॉप का एरिया बढ़ गया था। उससे वहाँ पानी की बचत थी, फर्टिलाइजर्स की बचत थी, टाइम की बचत थी और किसानों को फायदा था। इस दफा इस त्रासदी से नेक्स्ट ईयर क्रॉप फिर डाउन आ जाएगी, फिर पैडी पर किसान चला जाएगा। गवर्नमेंट का जो फॉरेन एक्सचेंज है, इससे उसका लॉस होगा, पैडी को उठाने की प्रॉब्लम भी आएगी। मैंने पढ़ा है कि पाकिस्तान के पीएम ने भी कहा है कि रेट डाउन होने के कारणों की पूरी रिपोर्ट मुझे दो, ताकि किसानों की फाइनेंशियल हेल्प की जा सके। इसलिए मैं आपके ज़रिए अपनी सरकार से कहना चाहता हूँ कि किसान की मदद के लिए उसकी रिपोर्ट मँगवाई जाए और फिर किसान की हेल्प की जाए।

सर, मैं एक और बात यह कहना चाहता हूँ कि आज के क्वेश्चन में गवर्नमेंट का जो आंसर आया है, उसमें कहा गया है कि मार्जिनल प्राइस डाउन हुआ है, लेकिन वह मार्जिनल नहीं है। हम किसान हैं और यहाँ सभी किसान बैठे हैं। यह लास्ट ईयर 4,500 पर था, वह मिनिमम 4,000 था, लेकिन इस साल यह 2,500 पर आ गया है। इस प्रकार, इतना रेट डाउन आ गया है। कभी नैचुरल आपदा आ जाती है और कभी रेट डाउन हो जाता है, इसलिए किसान आज खुश नहीं है। जो किसान देश की रक्षा करने वाला था, उसके बारे में कभी कोई सोच नहीं सकता था कि वह सुसाइड कर लेगा। आज उस किसान की हालत यह है कि जब वह सुसाइड करता है, तो उस समय उसके पास कोई और चारा नहीं होता है। इसलिए मैं अपने पीएम साहब और गवर्नमेंट से यह कहना चाहता हूँ कि वे इन किसानों की मदद करें, क्योंकि ये देश के किसान हैं, बाहर के किसान नहीं हैं।...(समय की घंटी)...

(समाप्त)

SHRIMATI JAYA BACHCHAN (UTTAR PRADESH): Sir, I associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SHRI K.C. TYAGI (BIHAR): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

DR. T.N. SEEMA (KERALA): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SHRI M.P. ACHUTHAN (KERALA): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SHRI RITABRATA BANERJEE (WEST BENGAL): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

श्री राम नाथ ठाकुर (बिहार): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

श्री ईश्वरलाल शंकरलाल जैन (महाराष्ट्र): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

SOME HON. MEMBERS: Sir, we also associate ourselves with the matter raised by the hon. Member.

(Ends)


BLATANT VIOLATION OF RESERVATION POLICY IN AIIMS

प्रो. राम गोपाल यादव (उत्तर प्रदेश): श्रीमन्, मुझे बहुत खेद के साथ यह कहना पड़ रहा है कि "ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़" में वर्ष 1983 में एससीज़ और एसटीज़ के लिए रिज़र्वेशन लागू हुआ था और वर्ष 1994 में ओबीसीज़ के लिए रिज़र्वेशन लागू हुआ था। लेकिन, वहाँ की फैकल्टीज़ में लगातार एससीज़, एसटीज़ और ओबीसीज़ के कैंडिडेट्स को रिज़र्वेशन नहीं दिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के निर्देश और यहाँ तक कि पिछली सरकार में पीएमओ द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शंस के बाद भी लगातार इसका उल्लंघन हो रहा है और ओबीसीज़, एससीज़ और एसटीज़ के पदों को जनरल कैंडिडेट्स से भर दिया जाता है। मनमानी करने के लिए वहाँ फ्लोटिंग रोस्टर की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट तथा एससी, एसटी, ओबीसी कमीशन का यह स्पष्ट निर्देश है कि फिक्स्ड रोस्टर होना चाहिए।

वहाँ वर्ष 2003 में 10 सालों के बाद 164 फैकल्टीज़ की जगहें निकलीं, जिनमें से ज्यादातार पर अनरिजर्व्ड कैंडिडेट्स को अप्वाइंट कर दिया गया। वर्ष 2005 में फिर यही किया गया। वर्ष 2008 में, जब बैकलॉग बहुत हो गया तो असिस्टेंट/एसोसिएट/अडिशनल प्रोफेसर्स की 92 पोस्ट्स क्रिएट की गईं, लेकिन सात सालों में आज तक उस ऐडवर्टिजमेंट के बाद भी उनमें से एक पर भी अप्वाइंटमेंट नहीं हुई। यही नहीं, वर्ष 2010 में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की पोस्ट्स ऐडवर्टाइज हुईं, प्रोफेसर्स की पोस्ट्स भी ऐडवर्टाइज हुईं, लेकिन प्रोफेसर्स की पोस्ट्स पर एक भी अप्वाइंटमेंट नहीं की गई। अब स्थिति यह है कि ऐसी लगभग 40 परसेंट सीटें हैं, जो एससी, एसटी, ओबीसी की हैं और वे वैकेंट हैं। क़ाबिल उम्मीदवारों के होते हुए भी यह कह दिया जाता है कि वे इस लायक नहीं हैं और उनको जनरल उम्मीदवारों के ज़रिए भर दिया जाता है।

वहाँ के जो मौजूदा डायरेक्टर हैं, उनसे पहले के जो डायरेक्टर थे, वे एसटी थे, उनके जमाने में जरूर नियम के हिसाब से काम हुआ, लेकिन अब फिर लोगों का वही माइंडसेट है कि वे काम करना नहीं चाहते हैं। वे किसी भी तरह से एससी, एसटी, ओबीसी के उम्मीदवारों को सेलेक्ट नहीं करना चाहते हैं। मैं आपके माध्यम से गवर्नमेंट से यह कहता हूँ कि इस वक्त जो सेलेक्शन होने जा रहा है, इसको तत्काल रोका जाए। इसके अलावा, जो लोग एससीज़, एसटीज़ तथा ओबीसीज़ के हक़ को न देने के दोषी हैं, उनके खिलाफ जाँच हो, उन पर कार्रवाई हो और लोगों को न्याय मिले।

(समाप्त)



श्री अली अनवर अंसारी (बिहार): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

श्री अरविन्द कुमार सिंह (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

श्री आलोक तिवारी (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

श्री नरेन्द्र बुढानिया (राजस्थान): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

श्री सतीश चन्द्र मिश्रा (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं स्वयं को इस विषय के साथ सम्बद्ध करता हूँ।

SHRI V. HANUMANTHA RAO (TELANGANA): Sir, I associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SHRI DILIP KUMAR TIRKEY (ODISHA): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SHRI A. NAVANEETHAKRISHNAN (TAMIL NADU): Sir, I also associate myself with the matter raised by the hon. Member.

SOME HON. MEMBERS: Sir, we associate ourselves with the matter raised by the hon. Member.

(Ends)


(1के/एमसीएम-बीएचएस पर आगे)

-DS/MCM-BHS/1K/11-45

श्री शरद यादव : महोदय, मैं सरकार से यह निवेदन करना चाहता हूं कि लगातार आपके आने के बाद भी और आने से पहले भी यानी एक डॉयरेक्टर थे जो सब तरह पोस्टों को ठीक भरते थे। यह जो नए डॉयरेक्टर आए हैं, इन्होंने पिछली बार भी बड़े पैमाने पर नॉट सूटेबल चालीस लोग.......(व्यवधान)

श्री उपसभापति : अब आप अपने सब्जेक्ट पर भी बोलिए। Continuation of Armed Forces Special Powers Act in Manipur.

श्री शरद यादव : अभी वही बोलूंगा। लेकिन मेरी आपसे विनती है कि यह मामला बहुत गंभीर है। नक़वी साहब, इस मामले में अभी जो इंटरव्यू होने वाले हैं, जो भर्ती होने वाली है, अगर उसको नहीं रोका गया तो दस साल तक के लिए एस0सी0, एस0टी0 और ओ0बी0सी0 वाले लोगों को कोई जगह नहीं मिलेगी।......(व्यवधान)

श्री सतीश चन्द्र मिश्रा : हां, ये बिल्कुल ठीक कह रहे हैं।

श्री शरद यादव : इसलिए इस बात को, यह बहुत छोटी बात नहीं है, यह ठीक बात उन्होंने उठाई है। आप तत्काल इसको बंद करिए।......(व्यवधान)

श्री सतीश चन्द्र मिश्रा : यह बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, इसको देखिए।......(व्यवधान)

श्री शरद यादव : ज़ीरो ऑवर में ऐसा नहीं है कि कोई मंत्री अपनी बात ही नहीं कहेगा। यह अजीब बात है, यह गजब बात हो गई। इसलिए आप फिर से पुराना सिस्टम वापस लाइए। यह नहीं चल सकता। इतने बड़े गंभीर मामले पर सारे देश में यानी इन लोगों को क्यों दे रहे हो? आप इसको स्क्रैप कर दो या फिर इसके बारे में संविधान में जो कहा है, उसको पूरा करो।.......(व्यवधान)

MR. DEPUTY CHAIRMAN: One second. ...(interruptions)... One second. ...(interruptions)...

श्री बैष्णव परिडा : माननीय मंत्री जी को इस पर एक स्टेटमेंट देना चाहिए।........(व्यवधान)

श्री अली अनवर अंसारी : महोदय, हमने इसी विषय पर प्रधान मंत्री जी को और स्वास्थ्य मंत्री जी को लिखा है, लेकिन वे जवाब तक नहीं दे रहे हैं।......(व्यवधान)

MR. DEPUTY CHAIRMAN: No, no. ...(interruptions)...

संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्री मुख्तार अब्बास नक़वी) : आदरणीय राम गोपाल जी ने, आदरणीय शरद जी ने जो AIIMS से जुड़ा हुआ और उसमें नियुक्तियों से जुड़ा हुआ मुद्दा उठाया है, निश्चित तौर पर वह बहुत संवेदनशील है। इस संबंध में उन्होंने जो बात कही है, उसके बारे में हम हैल्थ मिनिस्टर से बात करेंगे, ताकि उसका समाधान हो सके।......(व्यवधान)

MR. DEPUTY CHAIRMAN: Mr. Naqvi. I think you have understood the feeling of the Members. Kindly report to the concerned Minister for proper action.

श्री आनन्द शर्मा : सरकार की तरफ से इस पर बयान आए। अभी बयान नहीं आया है। मंत्री जी ने कहा है कि वे इस पर स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे। माननीय मंत्री जी, बात करके आप सदन को अवगत कराएं, सूचित करें। सिर्फ अवगत ही नहीं कि उधर न बताएं उसके बाद आएं और तब तक इंटरव्यू को रोका जाए।......(व्यवधान) जब तक सरकार सदन में वापस नहीं आ जाती।.......(व्यवधान) यह ऐसा विषय नहीं है कि एक तरफ तो इंटरव्यू होता रहे, फिर सरकार आकर सदन को बताएगी कि यह तो हो चुका सब कुछ।.......(व्यवधान) शरद जी ने जो बात उठाई है, उसको गंभीरता से लिया जाए।

MR. DEPUTY CHAIRMAN: No, no. You raised it. ...(interruptions)... See, the matter is raised. I hope the hon. Parliamentary Affairs Minister will take it up with the concerned Minister, i.e., Home Minister and come back to the House. ...(interruptions)... It be done. ...(interruptions)... That is why I directed. I have directed the Government. ...(interruptions)... I have directed the Government to come back to the House with the latest position on this. ...(interruptions)... Shri Sharad Yadavji.

SHRI SATISH CHANDRA MISRA: In this Session? ...(interruptions)...

श्री शरद यादव : उपसभापति जी, मैं आपका बहुत-बहुत आभार मानता हूं कि आपने जो सरकार को डॉयरेक्शन दिया है, आदेश दिया है........(व्यवधान)

(समाप्त)



CONTINUATION OF ARMED FORCES SPECIAL POWERS ACT IN MANIPUR

श्री शरद यादव (बिहार) : महोदय, मणिपुर में, नॉर्थ ईस्ट में "AFSPA" नाम का कानून एक साल के लिए फिर बढ़ाया गया है। नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ सारे देश में जिस तरह से व्यवहार होता है और हम सारे लोग वहां जाते हैं और कई तरह की फैंसी ड्रेस पहन करके वहां लोग जाते हैं। कई तरह की ड्रेस पहन करके हम लोग वहां जाते हैं। प्राइम मिनिस्टर जाते हैं, और जाते हैं, एक नहीं सारे लोग जाते हैं। आप यह बताइए कि वहां की महिलाओं ने निर्वस्त्र होकर के इस कानून के खिलाफ डिमांस्ट्रेशन किया। यह जो शर्मिला है, इसको भूख हड़ताल करते हुए दस वर्ष हो गए। इस देश में इतनी लम्बी भूख हड़ताल करने के बाद उसको नहीं रोका गया। तेलंगाना के लिए एक भूख हड़ताल हुई, तो आपने तेलंगाना बना दिया।

(1L/KLG पर जारी)

-MCM/YSR-KLG/11.50/1L

श्री शरद यादव (क्रमागत): क्या वह देश का हिस्सा नहीं है? इस तरह की बात वहां क्यों हो रही है? आखिर यह क्या है? आप इसको जितना वहां लागू कर रहे हैं, उतना ही नॉर्थ ईस्ट में चीजें बढ़ रही हैं, क्योंकि उनके मन में उनको यह महसूस होता है कि उनके साथ भेदभाव होता है। वहां के लोग बहुत ही भले और सज्जन लोग हैं। हमारी पार्टी ने वहां बहुत दिनों तक काम किया है। मैं आपके माध्यम से यह निवेदन करना चाहता हूँ कि यह जो AFSPA है, इसको आप क्यों बढ़ा रहे हैं और यह देश इस लड़की शर्मिला की कितने दिन तक उपेक्षा करेगा? यह देश हर तरह से एक रहेगा या नहीं रहेगा? दिल्ली, जो देश का मुख्य हिस्सा है, उसकी जिम्मेदारी है कि वह इस तरह से लोगों की भावनाओं को तोड़ने का काम न करे। आप बताइए, हिंदुस्तान में कभी महिलाओं ने निर्वस्त्र होकर डेमोनस्ट्रेशन किया है? वे महिलाएं कितनी पीड़ित और कितनी दुखी होंगी? इस लड़की शर्मिला को मांग करते हुए कितने दिन हो गए हैं? दस साल से जेल में है। जेल से निकलती है, फिर जेल जाती है। यह कैसा कानून है और यह बढ़ता जा रहा है। इस कानून को लेकर आप न किसी अदालत में जा सकते हो, न किसी जगह जा सकते हो, वहां यह तानाशाही लगाकर आपने रखी है। यह ठीक बात नहीं है। सरकार से मेरा निवेदन है कि इस मामले में नॉर्थ ईस्ट में जितनी जगह यह लगा हुआ है, वहां से लोगों को बुलाकर उनसे बात करनी चाहिए और खासकर के शर्मिला को, जो इतने दिन से दुखी और पीड़ित है, जवान लड़की है, उसकी कोई सुनने वाला नहीं है, उससे बात करनी चाहिए। आप दस दिन की भूख-हड़ताल पर चले जाने से तेलंगाना दे देते हैं और इस लड़की को दस-बारह साल हो गए, कोई सुनने को, देखने को तैयार नहीं।

(समाप्त)



श्री उपसभापति: ठीक है, टाइम हो गया।

SHRIMATI WANSUK SYIEM (MEGHALAYA): Sir, I associate myself with the mention made by the hon. Member.

श्री अरविन्द कुमार सिंह (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं इस विषय से संबद्ध करता हूँ।

श्री अली अनवर अंसारी (बिहार): सर, मैं भी इस विषय से संबद्ध करता हूँ।

श्री आलोक तिवारी (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं भी इस विषय से संबद्ध करता हूँ।

श्री पी. एल. पुनिया (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं भी इस विषय से संबद्ध करता हूँ।

श्रीमती रजनी पाटिल (महाराष्ट्र): महोदय, मैं भी इस विषय से संबद्ध करती हूँ।

श्री किरनमय नन्दा (उत्तर प्रदेश): महोदय, मैं भी इस विषय से संबद्ध करता हूँ।

DR. M.S. GILL (PUNJAB): Sir, I associate myself with the mention made by the hon. Member.

SHRI ANANDA BHASKAR RAPOLU (TELANGANA): Sir, I associate myself with the mention made by the hon. Member.

SHRI V. HANUMANTHA RAO (TELANGANA): Sir, I associate myself with the mention made by the hon. Member.

DR. K. KESHAVA RAO (ANDHRA PRADESH): Sir, I associate myself with the mention made by the hon. Member.

SOME HON. MEMBERS: Sir, we want to associate ourselves with the mention made by the hon. Member.

MR. DEPUTY CHAIRMAN: All the names of the hon. Members, who are associating themselves with the mention, may be added.

श्री के. सी. त्यागी (बिहार): महोदय, कश्मीर में 80 प्रतिशत मतदान हुआ है। व ...(व्यवधान)... उधर से लेकर सभी पार्टी के नेता मानते हैं कि माइनस टेम्परेचर के बाद भी इतना मतदान हुआ है। इसलिए इसे कश्मीर से भी हटाया जाना चाहिए। ...(व्यवधान)

(समाप्त)

REVIVAL OF TWO SICK PRODUCTION UNITS OF M/S INCAB LTD.

डा. सी. पी. ठाकुर (बिहार): उपसभापति महोदय, झारखंड में जमशेदपुर शहर में एक बहुत ही रेप्युटेड इलेक्ट्रिक केबल बनाने वाली कंपनी सिक हो गई है और सिक होने से उसके हजारों एम्पलाइज़, उनके बच्चे, उनके घर वाले सभी परेशान और बीमार है। सभी लोग चाहते हैं और गवर्नमेंट के यहां उसके रिजुविनेशन के लिए दरखास्त दी गई है। उस पर सात-आठ साल से अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है। उसका जो मालिक है, वह अब तैयार हो गया है कि अगर हमें टाटा कंपनी सही रूप में बिजली दे, तो हम इसको फिर से चलाएंगे। इसलिए मेरा गवर्नमेंट से निवेदन है कि जो उस कंपनी के एम्पलाइज़ हैं, उन सबके परिवार ठीक से चल सकें, इसके लिए इस कंपनी को रिजुविनेट करे।

(समाप्त)


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